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सप्तपर्णी (सातवां, सातवां, सातवां, सतौना) – Rashtriya Patal
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सप्तपर्णी (सातवां, सातवां, सातवां, सतौना)

आयुर्वेद से नारायणीयम आयुर्वेदिक स्कूल

डॉ. मधुसूदन नायर by डॉ. मधुसूदन नायर
19/03/2021
in feature, नारायणीयम आयुर्वेदिक स्कूल से, स्वास्थ्य
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सप्तपर्णी (सातवां, सातवां, सातवां, सतौना)
सप्तपर्णी (सातवां, सातवां, सातवां, सतौना) :–
इस पेड़ के बारे में कई दिनों से गलतफहमी फैलाई जा रही है । उसमें ये भी समझ में आता है कि ये पेड़ देशी है या विदेशी । लेकिन एक विचारणीय बात यह है कि इस पेड़ के कई पुस्तकालय हैं जो इसका वर्णन करते हैं । वे ऐसे होते हैं,
‘सप्तच्छद क्षीरकटुप्रवाहमासह्यमाप्रय मदं तदीयम’
तो यह पेड़ विदेशी नहीं हो सकता । ये है पश्चिम बंगाल का शाही पेड़ प्रारंभ में स्नातक स्तर की पढ़ाई के समय शांतिनिकेतन विद्यालय मेहमानों के स्वागत के लिए सप्तपर्णी शाखा दिया करता था । अब ग्रेजुएशन के समय छात्रों को सप्तपर्णी पेज दिया जाता है । पत्ते देने का उद्देश्य पेड़ काटना नहीं चाहिए । यह पेड़ पूरे भारत में पाया जाता है । कोंकण में बहुत कुछ है । इसके पत्ते लंबे होते हैं और एक दिन में सात पत्ते आते हैं । इसलिए इसका नाम सप्तपर्णी रखा गया होगा । कभी-कभी बातचीत करने वाले भी होते हैं । टूटने पर गाल पत्तों से आता है । फूल गुलदस्ते बनकर आते हैं अक्टूबर से नवंबर के बीच फूल लंबे समय तक नहीं टिकते । उसके बाद चावली से फलियों की तरह आती है । मलेरिया, सर्पदंश, त्वचा विज्ञान, अस्थमा, अल्सर आदि सप्तपर्णी वृक्ष से रोगों के लिए बनती है प्रभावी औषधि
सप्तपर्णी में कड़वा, गर्मी, झपकी, कीटनाशक, साँस, कुष्ठ रोग, गुल्म, वर्ण, एनीमिया, बुखार नाशक आदि है । गुण होते हैं ।
नशीली दवाओं का उपयोग :-
डमरोग में सप्तपर्णी की सली उतारकर ठंडा होने के बाद शहद मिलाएं ।
सप्तपर्णी सली को बुखार, शूल, गुलम और मलेरिया से उतारना चाहिए । यह बिना थकान के पसीना और बुखार से राहत देता है ।
सात साल पुराना पाउडर और कीड़े पर वेडिंग पाउडर मिलाकर शहद से दें ।
दंतक्रमी में सात्विनी गाल लगाना चाहिए जहां दांत के कीड़े होते हैं
रक्त शुद्धिकरण के लिए सप्तपर्णी का शरारत हटाना चाहिए ।
वरना पर सात साल दूध के साथ छिड़क कर कोट करें ताकि वरना जल्दी भर जाए ।
सात साल के बच्चों और गभ्य को त्वचा रोग से निकालकर नहाने के पानी में डालकर स्नान करें । (सिर से नहीं)
टखने से आने वाले एक निर्लज्ज अल्सर को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है ।
सप्तपर्णी वृक्ष के बारे में लिखने को बहुत कुछ है लेकिन लेख के विस्तार की प्रतीक्षा करता है ।
दवाओं का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श करें ।
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