उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में हुए हिमस्खलन के बाद लापता हुए नेवी के पर्वतारोहियों की एक टीम के चार सदस्यों के शव मिल गए हैं. बता दें कि उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित माउंट त्रिशूल पर पवर्तारोहण के दौरान शुक्रवार तड़के हिमस्खलन की चपेट में आने से भारतीय नौसेना के पांच पर्वतारोही और एक पोर्टर लापता हो गए थे. यह तलाशी अभियान शनिवार को हेलिकॉप्टर की मदद से चलाया गया. प्राप्त सूचना के अनुसार, भारतीय नौसेना के पर्वतारोहियों की 20 सदस्यीय टीम ने 15 दिन पहले 7,120 मीटर ऊंचाई वाले त्रिशूल चोटी पर चढ़ाई के लिए एक अभियान शुरू किया था.
उत्तराखंड के पश्चिमी कुमाऊं क्षेत्र की त्रिशूल चोटी पर हिमस्खलन स्थल से शनिवार को भारतीय नौसेना के तीन अधिकारियों और एक नाविक का शव बरामद किया गया। यह सभी लोग एक पर्वतारोहण अभियान दल के सदस्य थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक पांचवें नौसैनिक पर्वतारोही और एक शेरपा का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं, जोकि शुक्रवार को हुए हिमस्खलन के बाद लापता हुए छह लोगों में शामिल हैं
अधिकारियों के मुताबिक जान गंवाने वाले नौसेना के कर्मियों में लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती और नाविक हरिओम शामिल हैं. तलाशी और बचाव अभियान चलाने के लिए बहु-एजेंसी टीम को तैनात किया गया था
भारतीय नौसेना ने जारी बयान में कहा है कि पांच लापता नौसेना पर्वतारोहियों में से चार – लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती, हरिओम एमसीपीओ II के पार्थिव शरीर आज चमोली से बरामद किए गए. पांचवें नौसैनिक पर्वतारोही और एक शेरपा का पता लगाने के प्रयास जारी है.
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में पदस्थ कर्नल अमित बिष्ट ने कहा, बचाव दल ने चमोली की माउंट त्रिशूल से 4 पर्वतारोहियों के शव बरामद किए हैं. अन्य दो सदस्यों की तलाश जारी है. एनआईएम, उत्तरकाशी से बचाव दल की एक टीम, हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल, गुलमर्ग और गढ़वाल स्काउट्स के जवान संयुक्त खोज और बचाव अभियान में जुटे हुए हैं.
शव मिलने से पहले उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) का एक बचाव दल प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट बताया था कि टीम जोशीमठ पहुंच गई है लेकिन मौसम खराब होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है. उन्होंने बताया कि मौसम ठीक होते ही राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा. निम के अनुसार, अभियान में सेना, वायु सेना और राज्य आपदा प्रतिवादन बल के बचाव दल और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं.
कर्नल बिष्ट के हवाले से निम द्वारा उत्तरकाशी में जारी एक बयान में शुक्रवार को कहा गया है था कि भारतीय नौसेना की एडवेंचर विंग ने सुबह करीब 11 बजे राहत एवं बचाव के लिए निम के तलाश एवं बचाव दल से मदद मांगी थी.
नौसेना का 20 सदस्यीय पर्वतारोही दल करीब 15 दिन पहले 7,120 मीटर ऊंची त्रिशूल चोटी के आरोहण के लिए गया था. शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे दल चोटी फतह करने के लिए आगे बढ़ा. इसी दौरान हिमस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में आकर नौसेना के पांच जवान पर्वतारोही और एक पोर्टर लापता हो गए थे. माउंट त्रिशूल चमोली जिले की सीमा पर कुमांऊ के बागेश्वर जिले में है. तीन चोटियों का समूह होने के कारण इसे त्रिशूल कहते हैं.