लोहारी गांव हमेशा के लिए जलमग्न हो जायेगा।।
बांध बनाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और भविष्य में यह क्षेत्र और इस से लगा टिहरी का कुछ क्षेत्र जलमग्न हो जायेगा। यह एक भावनात्मक पक्ष होता है कि जब बांध का पानी रोक दिया जाएगा तो धीरे धीरे अपने आंखों के सामने अपने गांव, खेत खलिहान, छानी को डूबते हुए देंखेंगे। मेरा खुद का भी भावनात्मक नजरिया इस गांव और क्षेत्र से जुड़ा हुआ है क्योंकि मेरे गांव के लिए जाने वाली सड़क से लगा हुआ यह क्षेत्र है जिसे मैंने बचपन से देखा है। यह इस के प्रति भावनात्मक नजरिया है।
दुसरा पक्ष पिछले चार महीने से लोहारी गाँव की महिलाएं, पुरुष और बच्चे धरने पर बैठे है। अपने गांव को बांध बनाने के लिए गांववासियों ने अपनी जमीन सरकार को सुपर्द कर दी थी और सरकार ने भी उसके एवज में उनसे वायदा किया था कि जमीन के बदले जमीन दी जाएगी मगर जैसे ही अब बांध तैयार होने वाला है तो सरकार अपने वायदे से मुकर गई और उनको नया लॉलीपॉप देने की पुरजोर कोशिश कर रही है कि जमीन के बदले मुआवजा लीजिए यह ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत जी को विधानसभा में बोलते हुए सुना है जो कि अब उस गांव के साथ वायदा खिलाफी होगी। मेरा सभी जौनसारियो और अन्य लोगो से निवेदन है की लोहारी गांव के साथ खड़े हो तथा उसके साथ जो जमीन के बदले जमीन देना का वायदा किया है उसका पुरजोर समर्थन करे ताकि उनको उनका हक मिले और आगे भी जौनसारी बन के अपना नया गांव विस्थापित कर सके वरना यह गांव हमेशा के लिए जौनसार के नक्शे से गायब हो जायेगा और उनके साथ यह अन्याय होगा।।