यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को 4 साल पूरे हो गए हैं।
प्रचंड बहुमत और जनाकांक्षाओं की लहर पर सवार बीजेपी सरकार की कमान जब योगी आदित्यनाथ को दी गई थी तो पार्टी के भीतर- बाहर कौतूहल था। पार्टी के ‘चाणक्य’ अमित शाह ने फैसले की वजह दो साल बाद बताई। कहा- ‘एक ऐसा शख्स जो समर्पित और कठिन परिश्रम करने की योग्यता रखता हो वह हर परिस्थितियों में खुद को ढाल लेगा, इसलिए हमने यूपी का भविष्य योगी के हाथों में दे दिया। उन्होंने इस फैसले को सही साबित किया।’
इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक लेख लिखा है. इस लेख में उन्होंने यूपी में किए गए विकास कार्यों के बारे में बताया है.
योगी ने लिखा कि कोविड 19 विभीषिका का एक साल बीत चुका है. मुझे याद आता है जनता कर्फ्यू का वह दिन जब कोरोना के गहराते संकट के बीच महामहिम राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति महोदय ने फोन पर बातचीत कर मुझसे प्रदेश की तैयारी के संबंध में जानकारी ली थी. उन्हें चिंता थी कि कमजोर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, सघन जनघनत्व और बड़े क्षेत्रीय विस्तार वाला उत्तर प्रदेश इस
महामारी का सामना कैसे करेगा? मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश इस आपदा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा और हुआ भी यही. हमने अपने आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘टेस्टिंग और ट्रेसिंग’ के मंत्र को आत्मसात किया और सबके प्रयास से इसे व्यवहारिक धरातल पर उतारने की चुनौती में सफलता प्राप्त की.
“यूपी के कोरोना प्रबंध की वैश्विक संस्थाओं ने की सराहना”












