आजमगढ़ में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा ( पीईटी ) परीक्षा आजमगढ़ जिले में 68 सेंटर पर सकुशल संपन्न कराने को लेकर प्रशासन की तरफ से पूरे दिन तमाम व्यवस्थाएं की गई थीं।
परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षकों, स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनाती के अलावा सचल दस्ते भी बनाए गए थे इसके अलावा खुफिया विभाग भी अपनी तरफ से लगातार लगा हुआ था। करीब 69000 परीक्षार्थियों के चलते पूरी व्यवस्था को पटरी पर रखना पूरे दिन चुनौती ही बना रहा।
भारी बारिश के बीच परिवहन की दुर्रव्यवस्था व जाम के चलते कुछ परीक्षार्थी जहां देर से पहुंच पाए वहीं कुछ को परीक्षा छोड़नी पड़ गई। दो पालियों में प्रथम पाली सुबह 10 बजे से मध्यान्ह 12 बजे जिसमें 34885 परीक्षार्थी व द्वितीय पाली अपरान्ह 03 बजे से सायं 05 बजे जिसमें भी 34885 परीक्षार्थियों को प्रतिभाग करना था। सुबह से ही आपाधापी का माहौल था। आजमगढ़ के अलावा आसपास के जनपदों के परीक्षार्थियों का सेंटर शहर के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में बनने के चलते आने जाने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
बनकट बाजार में परीक्षा देने लगभग 50 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस से आजमगढ़ से गोरखपुर के लिए जा रहे थे लेकिन बस का टायर बनकट बाजार में पहुंचते ही पंचर हो गया। बस में स्टैपनी ना रहने की वजह से बस वहीं खड़ी की खड़ी रह गई।हाफिजपुर से शहर तक जैम की स्थिति बनी रही बस में सवार परीक्षार्थी सारी तैयारी करके जिस भाव से जा रहे थे वह भाव उनके मन में ही रह गया।
वह मन में कभी प्रशासन को तो कभी सरकार को कोस रहे थे। बिना खाना पीना खाए यह लोग सुबह से चलकर दूर-दराज के गांव से आजमगढ़ रोडवेज पर पहुंचे थे। वहां से किसी तरह आजमगढ़ डिपो की बस में जगह मिली लेकिन क्या पता था यह गाड़ी आजमगढ़ से 12 किलोमीटर पहुंचकर बनकट बाजार में खड़ी हो जाएगी।
रोडवेज के रीजनल मैनेजर से जब फोन से संपर्क किया गया तो रीजनल मैनेजर द्वारा मौके के लिए एक गाड़ी रवाना की गई जो हाफिजपुर चौराहे के पास लगे हुए जाम में फंस गई। जिससे अभ्यर्थी अपने गंतव्य पर पहुंच नहीं पाए। परिवहन विभाग के इस खस्ता हालत पर लोगों को रोना आ रहा था। बनकट बाजार के ग्रामीणों में भी इस बात का आक्रोश था कि सरकार द्वारा कोई समुचित व्यवस्था बच्चों को ले आने ले जाने के लिए नहीं की गई। परीक्षा को लेकर डीएम ने बताया कि पूरे जनपद में सुचारू परीक्षा के लिए व्यवस्था की गई है।