उत्तर प्रदेश में वायरल और टाइफाइड बुखार से सैकड़ों लोग पीड़ित है। क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं न होने के कारण प्राइवेट चिकित्सकों के पास लोग अपना इलाज करा रहे हैं।
तेज बुखार के कारण लोगों को बदन दर्द, डिहाइड्रेशन तथा प्लेटलेट्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की समस्या को दूर करने के लिए वैसे तो पी एच सी पर है पर वहां भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। ग्रामीण क्षेत्र में तो हालत और भी ज्यादा खराब है कई गांव में एक एक घर में कई कई लोग बुखार से पीड़ित है ग्रामीण बताते हैं कि पहले तो बुखार परिवार के एक सदस्य को आता है लेकिन धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्य भी इसकी चपेट में आ जाते हैं।
फ़िरोज़ाबाद के अलावा मथुरा, कासगंज, आगरा, एटा और मैनपुरी में अब तक बुख़ार से क़रीब 50 लोगों की मौतें हो चुकी हैं जिनमें ज़्यादातर बच्चे हैं. सबसे ज़्यादा 40 लोगों की मौत फ़िरोज़ाबाद में हुई है. फ़िरोज़ाबाद में मरने वालों में 32 बच्चे शामिल हैं.
बुखार से जनपद आजमगढ़ भी अछूता नहीं है इसी को देखते हुए सीएमओ का कहना है कि घर के आस-पास साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें.
नगर की स्थति तो और भी बदतर हो चुकी है नगर पालिका के साफ सफाई का न तो कोई समय का ध्यान रहता है न ही सही तरह से कूड़ा उठता है इस लापरवाही की नगर को बड़ी कीमत चुकाना पढ़ सकती है










