आजमगढ़। क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के करोड़ों रूपए का भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि सरकार का निर्देश है कि खरीद के दो दिन के भीतर किसानों को भुगतान कर दिया जाय। बेचे गए धान के पैसे के लिए किसानों को क्रय केंद्रों का चक्कर लगाया पड़ रहा है। मंडल में 193 क्रय केंद्रों पर खाद्य विभाग, पीसीएफ, मंडी समिति व भारतीय खाद्य निगम द्वारा किसानों से धान की खरीद की जा रही है। तीनों जिलों में 38303 किसानों से 2.48 लाख मिले लक्ष्य के सापेक्ष 82.10 प्रतिशत की खरीद तो की गई है लेकिन क्रय एजेंसियां किसानों के बेचे गए धान का भुगतान करने में पीछे हैं। जिसके कारण मंडल में किसानों से धान खरीद का 4924.37 लाख का भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि शासन का निर्देश है कि धान खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों का भुगतान कर दिया जाय। बेचे गए धान का पैसा न मिलन से किसान परेशान हैं वह क्रय केंद्रों व बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं। 39861.90 लाख के सापेक्ष अभी तक किसानों के खातों में 34937.53 लाख का भुगतान किया गया है। 4924.37 लाख का भुगतान नहीं हो पाया है। आजमगढ़ में 1468.45 लाख, मऊ में 1042.20 लाख और बलिया में 2413.72 लाख किसानों के खातों में भेजा जाना बाकी है। संभागीय खाद्य नियंत्रक राममूर्ति पांडेय ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या मंडी समिति व पीसीएफ में आ रही है। इसके लिए मंडलायुक्त द्वारा पीसीएफ और मंडी समिति को पत्र भेजा गया है। हम लोग भी लगे हुए हैं। जल्द ही किसानों के खातों में पैसा भेज दिया जाएगा।













