अयोध्या में जमीन ट्रस्ट के घोटाले के मामले में चंपत राय को हटाया जाएगा, उनका केंद्र अब दिल्ली में रहेगा, वह सिर्फ ट्रस्ट से संबंधित कार्यों में अपने विचार रख सकेंगे, इसके अलावा डॉ अनिल मिश्र को भी ट्रस्ट समिति से हटाया जा सकता है…
अयोध्या में राम मंदिर के लिए कथित जमीन घोटाला प्रकरण को लेकर संघ एक्शन के मूड में आ गया है। संघ पूर्व सर कार्यवाह भैय्या जी जोशी ट्रस्ट पर सीधी निगाह बनाए हुए हैं। वे जल्द अयोध्या भी पहुंच सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को दिल्ली भेजा जा सकता है। राय के पास विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष का भी दायित्व है। वे सिर्फ अपना वैचारिक सहयोग ट्रस्ट को देते रहेंगे। वहीं, सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा को संघ विचार प्रवाह के किसी संगठन में जिम्मेदारी देकर उनको भी ट्रस्ट के काम से दूर किया जाएगा।
ये खबर मिडिया में फैलने लगी है मुझे समझ में ये नहीं आ रहा की हमेशा बलि का बकरा बेगुनाह ही क्यों बनते है जिनके दमन में छींटे हो उनपर आँच भी नहीं आती
अयोध्या में आदरणीय श्री चंपत राय जी से मिला। इसी कमरे में सोते हैं। कोई AC या कूलर नही है। खाने में 2 रोटी और लोकी की सब्ज़ी। आने-जाने वाले लोगों से यहीं मिलते हैं। कोई मीडिया, प्रचार का माध्यम या ताम-झाम नही। अब भला ऐसा संत आदमी भ्रष्ट लोगों को कैसे पसंद आ सकता है।
रही अनिल मिश्रा जी की बात तो में उन्हें तबसे जनता हु जब वो होमियोफैथिक बोर्ड के रजिस्ट्रार थे बेहद शालीन साधारण मृदुभाषी मिश्रा जी से जो भी मिलता प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता उनकी इम्मंदारी उनके कपड़ो से समझ में आ जाती है कोई तड़क भड़क नहीं स्ट के महासचिव चंपत राय को चित्रकूट में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में तलब किया गया है। ट्रस्ट के जिन पदाधिकारियों का नाम इस प्रकरण में सामने आया है, वे कानूनी तौर पर ट्रस्ट में बने रहेंगे, लेकिन ट्रस्ट में उनका प्रभाव खत्म कर डैमेज कंट्रोल प्रयास किया जाना तय है।
सूत्र बताते हैं कि भैय्या जी जोशी की इंट्री यह बता रही है कि विपक्ष को कुछ कहने-सुनने का मौका न देते हुए ट्रस्ट के कई लोगों को उनके पद पर बनाए रखना है, लेकिन अब वे स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएंगे। ट्रस्ट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सीधे निगाह रखेगा।
सपा के पूर्व मंत्री ने सबसे पहले उठाए थे सवाल
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन में सपा नेता व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि दो करोड़ रुपए में बैनामा कराई गई जमीन को 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया।
पवन ने पूरे मामले में दस्तावेज पेश करते हुए इसकी जांच CBI से कराने की मांग की है। इस मामले को लेकर कांग्रेस एवं राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने भी ट्रस्ट के सदस्यों पर जमीन खरीदने में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था। हालांकि, ट्रस्ट ने उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। भाजपा के नेताओं ने भी ट्रस्ट के सदस्यों पर लगे आरोपों पर उनका बचाव किया था।
मधुसूदन नायर
समाचार संपादक











