चीन में कोयले के आभाव से जो बिजली संकट पैदा हुवा है उसकी तपिश से ही भारतीय उद्योगों में खलबली मच गयी है
भारतीय बाजार में कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुयी है इसमें प्रमुख रूप से रसायन दवा स्टील फर्नेस आयल प्लास्टिक इलेक्ट्रॉनिक व ऑटो पार्ट्स है कंप्यूटर बाजार में दाम आसमान छूने लगे है
निकट भविष्य में बाजार में सीधे तौर पर देखने को मिलेगा महगाई से जूझते भारत में बाजार और महंगा होने की प्रबल संभावना है बढ़ते तेल की कीमतों ने सामान की ढुलाई और मांगी कर दी है उसी के साथ ही कच्चे माल की अनुपलब्धाता बाजार में आग लगा देगी
अभी भी से ही भारतीय बाजार में केमिकलो की कीमत 40 प्रतिशत बढ़ चुके है चुकी भारत अब भी 80 प्रतिशत कच्चे माल के लिए चीन से ही निर्भर है
वही भारत में भी कोयला संकट के चलते बिजली संकट ने दस्तक दे दी है अत्यधिक बारिश ने कोयले खदानों को भर दिया है वर्षा एव बाढ़ के चलते ट्रांसपोर्टेशन का बाधित होना भी बड़ी वजह बना है भारत के लगभग 80 प्रतिशत बिजली का उत्पादन विद्दुत ताप घरो से होता है जिसके वजह तप घरो में (भारतीय) स्टॉक ख़तम है अब देखना है सरकार इस संकट से कैसे निपटती है












