नौकरी को बॉय बॉय कर चूके अफ़सरों और बाहरी लोगों पर बीजेपी का विश्वास बरक़रार….
नौकरी से बाय बाय कर अगली पारी राजनीती का खेलने का ये जो तरीका को बढ़ावा मिल रहा है वो कितना सार्थक होगा ये तो वक्त ही बताएगा हो सकता है ये प्रयोग बढ़ते राजनीतिकरण में अपराधीकरण को रोकने में सार्थक कदम हो पर जान मानस को क्या लाभ मिलेगा इसका लाभ जनमानस तक क्या मिलेगा वैसे जहा तक मुझे लगता है आने वाला समय में पढ़े लिखे राजनितिक लोग राजनीती के गलियारे में नजर आएंगे यदि ऐसा हुवा तो देश में विकास को गति मिलने के संकेत होंगे आप लोगो की क्या राय है











